Wednesday, October 6, 2010

परछाई

हम ने जिन के भरोसे दरिया में छलांग लगाई,

उन्होंने हाथ न बढाया और हम डूबते चले गए....गहरे और गहरे!!! 

हमारी खुशनसीबी या बदनसीबी,

 उस गहराई में नजर आती है उनकी ही परछाई !!!


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