Bas Yun Hi
Tuesday, February 22, 2011
जब तक तुम किसी और की नहीं हो जाती
जब तक तुम किसी और की नहीं हो जाती
तुम खुद की हो...
इस नीले असमान में जब चाहो, जितना चाहो-
ऊँचा उड़ सकती हो!
जब तक तुम किसी और की नहीं हो जाती
तुम खुद की हो...
तुम मेरी हो सकती हो...
इस खुले असमान में और भी ऊँचा उड़ सकती हो!
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